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प्राचीन इतिहास · UPSC / SSC / BSSC / State PSC

प्राचीन भारत: पाषाण युग से ताम्रपाषाण काल

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प्रागितिहास, ऐतिहासिक समयरेखा और पुरातत्व के मूल तथ्य

ऐतिहासिक वर्गीकरण और विभाजन

  • पृथ्वी की आयु: लगभग 4.5 अरब वर्ष पुरानी है।
  • भूवैज्ञानिक युग: वर्तमान भूवैज्ञानिक युग चतुर्थक चरण है, जो 2.58 मिलियन वर्ष पहले शुरू हुआ और वर्तमान तक जारी है।
= Pleistocene (Ice Age) + Holocene (After Ice Age) चतुर्थक चरण = प्लीस्टोसिन (हिमयुग) + होलोसीन (हिमयुग के बाद)
  • जेम्स मिल का विभाजन: उन्होंने 'History of British India' लिखी और भारतीय इतिहास को तीन चरणों में बाँटा।
Muslim British हिंदू मुस्लिम ब्रिटिश
  • सी.जे. थॉमसन का विभाजन: उपकरणों में उपयोग सामग्री के आधार पर वर्गीकरण।
Bronze Age Iron Age पाषाण युग कांस्य युग लौह युग

पुरातात्विक विभाजन

  • प्रागितिहास: कोई लिखित साक्ष्य नहीं; पुनर्निर्माण पूरी तरह उत्खनन से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित (जैसे पाषाण युग, ताम्र युग)।
  • आद्य-इतिहास: लिखित लिपियाँ मौजूद पर अपठित, या सीमित अभिलेखों के साथ प्रचुर पुरातात्विक खोजें (जैसे कांस्य युग / सिंधु घाटी सभ्यता)।
Important अलेक्जेंडर कनिंघम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पहले महानिदेशक थे, जिन्हें "भारतीय पुरातत्व का जनक" कहा जाता है।
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पुरापाषाण काल (Old Stone Age)

5,00,000 B.C. — 10,000 B.C.

मुख्य विशेषताएं और आजीविका

  • इसका विकास पूरी तरह प्लीस्टोसिन काल (हिमयुग) के दौरान हुआ।
  • भारत में पुरापाषाण कालीन मानव निग्रिटो प्रजाति के थे।
  • पूर्णतः शिकारी और खाद्य संग्राहक — जंगली फलों-सब्जियों पर निर्भर।
  • कृषि, आग या धातु के बर्तनों का कोई ज्ञान नहीं था।
  • उपकरण 'क्वाटजाइट' से बने खुरदरे, बिना पॉलिश पत्थर थे — हैंडएक्स, क्लीवर, चॉपर, फ्लेक्स, बुरिन, स्क्रेपर्स।
अपवाद पुरापाषाण कालीन स्थल भारत के लगभग सभी हिस्सों में फैले हैं, सिवाय सिंधु और गंगा के जलोढ़ मैदानों के।

क. निम्न/प्रारंभिक पुरापाषाण काल (5 लाख ई.पू. – 50,000 ई.पू.)

Soan / Sohan Valley (Punjab)
चॉपर-चॉपिंग उपकरण संस्कृति।
Belan Valley (Mirzapur, UP)
शैल आश्रयों के लिए प्रसिद्ध।
Didwana (Rajasthan)
स्तरीकृत परतों वाला महत्वपूर्ण मरुस्थलीय स्थल।
Hunasagi / Hungsi (Karnataka)
प्रारंभिक पाषाण उपकरण कार्यशाला।
Pahalgam (Kashmir)
हिमालयी क्षेत्र का स्थल।
Patne (Maharashtra)
भारत में पहली बार शुतुरमुर्ग के अंडे के छिलके के साक्ष्य यहीं मिले।

ख. मध्य पुरापाषाण काल (50,000 ई.पू. – 40,000 ई.पू.)

"फ्लेक तकनीक" पर आधारित — पत्थर के कोर पर प्रहार कर तेज शल्क निकालना।

Attirampakkam (Tamil Nadu)
जीवाश्म बन चुके जानवरों के पैरों के निशान के लिए उल्लेखनीय।

ग. उच्च पुरापाषाण काल (40,000 ई.पू. – 10,000 ई.पू.)

हिमयुग के अंतिम चरण से मेल खाता है। होमो सेपियन्स का पहला उदय और चकमक पत्थर का व्यापक उपयोग।

Bhimbetka Caves (Madhya Pradesh)
शैल चित्रकारी।
Inamgaon & Nevasa (Maharashtra)
उच्च पुरापाषाण कालीन निक्षेप।
Didwana (Rajasthan)
सतत स्तरीकृत रिकॉर्ड।

शैल कला और मानव विकास

  • सोहागीघाट (यूपी): आर्चीबाल्ड कार्लाइल भारत में रॉक पेंटिंग खोजने वाले पहले व्यक्ति थे।
  • भीमबेटका गुफाएं (विंध्य श्रृंखला, मप्र): 1957 में वी.एस. वाकणकर द्वारा खोज। भारत की सबसे पुरानी पेंटिंग्स यहीं हैं।
  • लाखुडियार गुफा चित्र (उत्तराखंड): अल्मोड़ा जिले में सुयाल नदी के पास।
Homo Habilis Homo Erectus Homo Neanderthalensis Homo Sapiens ऑस्ट्रेलोपिथेकस होमो हैबिलिस होमो इरेक्टस होमो निएंडरथलेन्सिस होमो सेपियन्स
मानव विकास के क्रमिक चरणों के साथ क्वाटजाइट उपकरणों का चित्रण।
टिप मानव विकास क्रम याद रखने का सूत्र: "Ask Him Every Night Smartly" (ऑस्ट्रेलोपिथेकस → हैबिलिस → इरेक्टस → निएंडरथलेन्सिस → सेपियन्स)।
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मध्यपाषाण काल (Middle Stone Age)

10,000 B.C. — 6,000 B.C.

मुख्य विशेषताएं और आजीविका

  • पुरापाषाण और नवपाषाण के बीच संक्रमणकाल। जलवायु गर्म हुई, वनस्पति-जीव बढ़े।
  • मुख्यतः शिकारी और चरवाहे — पशुपालन की आधिकारिक शुरुआत यहीं से।
  • माइक्रोलिथ — छोटे नुकीले पत्थर के उपकरण: ब्लेड, कोर, पॉइंट, त्रिभुज, ल्यूनेट, ट्रैपेज़।
अपवाद सामान्य समयरेखा 10,000–6,000 ई.पू. है, लेकिन SSC परंपरागत रूप से 12,000–10,000 ई.पू. मानता है।

प्रमुख स्थल और खोजें

Bagor & Adamgarh (Rajasthan / Madhya Pradesh)
भारत में पशुपालन के सबसे पहले उत्खनित साक्ष्य
Chopani Mando (Belan Valley, UP)
दुनिया में मिट्टी के बर्तनों के उपयोग का सबसे पहला साक्ष्य
Langhnaj (Gujarat)
प्रमुख माइक्रोलिथिक स्थल।
Sanganakallu (Karnataka)
दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण स्थल।
Tuticorin (Southern Tamil Nadu)
तटीय तेरी स्थल।
Damdama (UP)
एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल बरामद।
Sarai Nahar Rai (UP)
चार मानव कंकाल वाली कब्र।
Mahadaha (UP)
सराय नाहर राय व दमदमा के साथ हड्डी के उपकरण व आभूषण।

कंकाल खोजें डॉ. जय नारायण पांडे की पुस्तक 'पुरातत्त्व विमर्श' के अनुसार।

बागोर, आदमगढ़, चोपानी मांडो और दमदमा को दर्शाता भारत का मानचित्र।
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नवपाषाण काल (New Stone Age)

7,000 B.C. — 1,000 B.C. (क्षेत्रीय रूप से 6,000–2,500 ई.पू. भी)

मुख्य विशेषताएं और आजीविका

  • 'नियोलिथिक' शब्द सर जॉन लुबॉक ने 'Pre Historic Times' में गढ़ा।
  • कृषि की शुरुआत — मानव खाद्य संग्राहक से खाद्य उत्पादक बना।
  • गोलाकार या आयताकार घरों में स्थायी जीवन; व्यक्तिगत संपत्ति की शुरुआत।
  • अत्यधिक पॉलिश किए पत्थर के उपकरण; अनाज भंडारण हेतु कॉर्ड-इम्प्रेस्ड मिट्टी के बर्तन
  • मानव द्वारा प्रयुक्त पहला अनाज जौ था (लगभग 8,000 ई.पू.)।

महत्वपूर्ण नवपाषाण कालीन स्थल

Mehrgarh (Balochistan, Pakistan)
उपमहाद्वीप का सबसे पुराना नवपाषाण स्थल — गेहूं, जौ, कपास की खेती के प्राचीनतम साक्ष्य।
Lahuradeva (Uttar Pradesh)
उपमहाद्वीप में कृषि का सबसे प्राचीन साक्ष्य (चावल, ~9,000–7,000 ई.पू.)।
Koldihwa & Mahagara (Belan Valley, UP)
धान की खेती के प्राचीनतम साक्ष्य (~7,000 ई.पू.)।
Burzahom (Kashmir, 16 km west of Srinagar)
गर्त आवास, हड्डी के उपकरण, और मालिकों के साथ कुत्तों को दफनाने का अनोखा साक्ष्य।
Gufkral (Kashmir, 41 km SE of Srinagar)
नाम का अर्थ "कुम्हार की गुफा"। कृषि व पशुपालन के लिए प्रसिद्ध।
Chirand (Bihar)
पशु-हड्डियों से बने उपकरणों की प्रचुरता।
Sanganakallu (Karnataka)
राख के टीलों के लिए प्रसिद्ध।
Daojali Hading (Assam)
जेडाइट पत्थर की खोज हेतु उल्लेखनीय।
Catal Huyuk (Turkey)
विश्व के पहले मानव आदि-शहरों में से एक, नवपाषाण के अंतिम चरण का समकालीन।
बुर्जहोम के गर्त आवास और स्वामी के साथ कुत्ते की कब्र का रेखाचित्र।
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ताम्रपाषाण काल (Stone-Copper Phase)

3,500 B.C. — 1,000 B.C.

मुख्य विशेषताएं और आजीविका

  • मानव द्वारा खोजी गई पहली धातु तांबा थी।
  • लोग ग्रामीण समुदायों में फूस के घरों में रहते थे।
  • मातृ देवी और सांड की पूजा करते थे।
  • "कलश शवाधान" प्रथा — हड्डियाँ बर्तनों में रखकर दफनाई जातीं।
  • काले और लाल बर्तन सबसे लोकप्रिय, साथ ही गेरू रंग के बर्तन (OCP)
अपवाद ताम्रपाषाण काल के लोग पकी हुई ईंटों और पालतू घोड़ों से पूरी तरह अपरिचित थे — केवल मिट्टी-फूस के घरों में रहते थे।

प्रमुख स्थल और क्षेत्रीय संस्कृतियाँ

  • प्रमुख तांबे की खदानें: खेतड़ी (राजस्थान), मलाजखंड (मध्य प्रदेश)।
Daimabad (Maharashtra)
अब तक खोजा गया सबसे बड़ा ताम्रपाषाण स्थल — जोर्वे संस्कृति से संबंधित।
Ganeshwar (Rajasthan, near Banas Valley)
तांबे के उपकरणों में अत्यंत समृद्ध।
Sanganakallu (Karnataka)
नवपाषाण-ताम्रपाषाण संक्रमण स्थल पर राख के टीले।

क्षेत्रीय ताम्रपाषाण संस्कृतियाँ और समयरेखा

संस्कृति समय (ई.पू.) क्षेत्र / विशेषताएं
कायथा संस्कृति2000–1800पश्चिमी मप्र (कालीसिंध नदी)
आहार / बनास संस्कृति2000–1400दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (आहार, बनास, गिलुंड)
सावलदा संस्कृति2000–1800महाराष्ट्र (ताप्ती नदी)
मालवा संस्कृति1700–1200पश्चिमी मप्र (नर्मदा नदी)
प्रभास संस्कृति1800–1500गुजरात का तटीय क्षेत्र
जोर्वे संस्कृति1400–700पश्चिमी महाराष्ट्र (दैमाबाद, नेवासा, इनामगांव)
रंगपुर संस्कृति1400–700Gujarat
चिरांद संस्कृति1500–750बिहार (गंगा बेसिन)
भारत में जोर्वे, मालवा और आहार-बनास संस्कृतियों के वितरण का मानचित्र।
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त्वरित संशोधन तालिका

तथ्य / विषय / स्थलमुख्य विवरण
भारतीय पुरातत्व के जनकअलेक्जेंडर कनिंघम (ASI के प्रथम महानिदेशक)
भारत में पहला पुरापाषाण उपकरणरॉबर्ट ब्रूस फुट, पल्लवरम (चेन्नई)
भारत के सबसे प्राचीन शैल चित्रभीमबेटका गुफाएं, मप्र (वी.एस. वाकणकर, 1957)
शैल कला की पहली खोजआर्चीबाल्ड कार्लाइल, सोहागीघाट, यूपी
पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्यबागोर (राजस्थान) व आदमगढ़ (मप्र)
प्राचीनतम कृषि साक्ष्य (उपमहाद्वीप)लहुरादेवा, यूपी (धान: 9,000–7,000 ई.पू.)
विश्व में प्राचीनतम मिट्टी के बर्तनचोपानी मांडो, यूपी
मानव द्वारा प्रयुक्त पहला अनाजजौ (~8,000 ई.पू.)
गर्त आवास व कुत्ते की कब्रबुर्जहोम, कश्मीर
एक कब्र में तीन कंकालदमदमा, यूपी
एक कब्र में चार कंकालसराय नाहर राय, यूपी
मानव द्वारा प्रयुक्त पहली धातुतांबा (ताम्रपाषाण काल)
सबसे बड़ा ताम्रपाषाण स्थलदैमाबाद, महाराष्ट्र (जोर्वे संस्कृति)
जेडाइट पत्थर वाला नवपाषाण स्थलदाओजली हाडिंग, असम
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रैपिड फायर प्रैक्टिस चेक

Q1. निम्नलिखित में से किसे सार्वभौमिक रूप से "भारतीय पुरातत्व का जनक" कहा जाता है?
  • A. रॉबर्ट ब्रूस फुट
  • B. अलेक्जेंडर कनिंघम
  • C. वी.एस. वाकणकर
  • D. सर जॉन लुबॉक
B — अलेक्जेंडर कनिंघम
Q2. विश्व में मिट्टी के बर्तनों के उपयोग का प्राचीनतम साक्ष्य किस स्थल से प्राप्त हुआ?
  • A. Mehrgarh
  • B. Chopani Mando
  • C. Koldihwa
  • D. Burzahom
B — Chopani Mando
Q3. किस स्थल पर पालतू कुत्तों को उनके स्वामियों के साथ दफनाने का साक्ष्य मिला?
  • A. Gufkral
  • B. Chirand
  • C. Burzahom
  • D. Paiyampalli
C — Burzahom
Q4. वर्ष 1957 में भीमबेटका शैल गुफाओं की खोज किसने की थी?
  • A. Archibald Carlleyle
  • B. Alexander Cunningham
  • C. V.S. Wakankar
  • D. Dr. Jai Narayan Pandey
C — V.S. Wakankar
Q5. भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से प्राप्त होते हैं?
  • A. Mehrgarh
  • B. Lahuradeva
  • C. Chopani Mando
  • D. Koldihwa
B — Lahuradeva
Q6. एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल किस स्थल से प्राप्त हुए?
  • A. Sarai Nahar Rai
  • B. Damdama
  • C. Mahadaha
  • D. Langhnaj
B — Damdama
Q7. मानव द्वारा खोजी गई सबसे पहली धातु कौन सी थी?
  • A. लोहा
  • B. कांसा
  • C. तांबा
  • D. सोना
C — तांबा
Q8. ताम्रपाषाण काल के लोग किस पशु और भवन सामग्री से पूरी तरह अपरिचित थे?
  • A. मवेशी और मिट्टी के घर
  • B. भेड़ और फूस की छतें
  • C. घोड़े और पकी हुई ईंटें
  • D. कुत्ते और पत्थर की दीवारें
C — घोड़े और पकी हुई ईंटें
Q9. किस नवपाषाण कालीन स्थल से राख के टीले प्राप्त हुए?
  • A. Sangana Kallu
  • B. Hallur
  • C. Maski
  • D. Daojali Hading
A — Sangana Kallu
Q10. भारत में पहली बार शुतुरमुर्ग के अंडों के छिलके किस स्थल से मिले?
  • A. Attirampakkam
  • B. Hunasagi
  • C. Didwana
  • D. Patne
D — Patne
Q11. 'History of British India' किसने लिखी जिसने इतिहास को हिंदू, मुस्लिम, ब्रिटिश चरणों में बांटा?
  • A. C.J. Thomson
  • B. Archibald Carlleyle
  • C. James Mill
  • D. Sir John Lubbock
C — James Mill
Q12. प्रारंभिक मानव का सही क्रमिक विकासवादी क्रम क्या था?
  • A. Australopithecus → Erectus → Habilis → Neanderthalensis → Sapiens
  • B. Australopithecus → Habilis → Erectus → Neanderthalensis → Sapiens
  • C. Erectus → Australopithecus → Habilis → Neanderthalensis → Sapiens
  • D. Australopithecus → Neanderthalensis → Habilis → Erectus → Sapiens
B — Australopithecus → Habilis → Erectus → Neanderthalensis → Sapiens